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करवाचौथ - राजेश कुमार कौशल

  करवाचौथ - राजेश कुमार कौशल Apr 24, 2024 | कविताएं - शायरी - ग़ज़ल | राजेश कुमार कौशल  |  👁 10,169 करवाचौथ व्रत, शानदार त्योहार, नंदन अभिनंदन, आदर सत्कार, कार्तिक मास , चतुर्थी तिथि, सदा सुहागिन, बेसब्र इंतजार, सिंदूर की दमक , पायल की झनकार, हाथों में मेहंदी, माथे पर नवश्रृंगार, सुसंस्कृत वेशभूषा, धवल घर द्वार, दुल्हन सी सजधज, चूड़ियां बेशुमार, सुहाग सलामत, नारी संस्कार, भूखे प्यासे रहे , संस्कारी नार, चांद समक्ष पूजन, नव रक्त संचार, पति दीर्घायु पुकार , सदा सुहागन उपहार, पति पत्नी का , आजीवन प्यार दुलार , जिएं एक दूजे के लिए, सहर्ष स्वीकार ! ----राजेश कुमार कौशल  लिखन्तु कविता     बेहतरीन हिंदी कवितायेँ     हिंदी कवितायेँ  ...

पुष्पाणि सुगन्धिनि - अशोक कुमार पचौरी

  पुष्पाणि सुगन्धिनि - अशोक कुमार पचौरी Feb 27, 2024 | कविताएं - शायरी - ग़ज़ल | अशोक कुमार पचौरी 'आर्द्र'  |  👁 30,188 वन्यरम्ये सुस्थिरे पथिके तरुण्याम्बरे विभ्राजते। पुष्पाणि सुगन्धिनि च सुवासिनि नीलपद्मिनि॥ स्वागतं ते नवं सुरेश मरुतां गन्धर्वाधिप। प्रभासि नव्यं वर्षसि च वृष्टिर्नीयते पुष्पैः।। दिव्यं रूपं तवेदं विचित्रं पृथिव्यां सुस्थिरं। देवि सर्वेषु वर्णेषु रूपं रम्यं प्रकाशते।। अद्भुतं ते पुरं निर्मितं सुस्थिरं देवि। वन्यस्य रूपस्य तव प्रकाशं अमित्र॥ नीलान्तरे ते पुष्पाणि चरन्ति रमण्याः सुस्थिरे। वन्यवन्ये रम्ये तव निर्मिते सुगन्धिनि॥ गिरिवन्ये ते सुगन्धिविचित्रं पुष्पं रमण्यम्। अतीते सति सुगन्धिर्नीयते वर्षेण॥ vanyaramye susthire pathike taruṇyāmbare vibhrājate। puṣpāṇi sugandhini ca suvāsini nīlapadmini।। svāgataṁ te navaṁ sureśa marutāṁ gandharvādhipa। prabhāsi navyaṁ varṣasi ca vṛṣṭirnīyate puṣpaiḥ।।...

इक तेरी याद ..इक तेरा ज़िक्र - वेदव्यास मिश्र

  इक तेरी याद ..इक तेरा ज़िक्र - वेदव्यास मिश्र Apr 20, 2024 | कविताएं - शायरी - ग़ज़ल | वेदव्यास मिश्र  |  👁 10,017 इक तेरी याद ..इक तेरा ज़िक्र, इक तेरी फ़िक्र..और कुछ भी नहीं !! जबसे तू छोड़के गया घर, बिन तेरे घर अब घर ही नहीं !! रात ख़ामोशियों से रौनक हैं, दिन भी बेचैनियों के सौदागर !! इक तेरा अक्स..इक तेरी बातें, इक तेरी आहट..और कुछ भी नहीं !! हम न सोचे थे कभी तुझ बिन, यूँ होगा बसर !! इक तेरी बात ..इक तेरी सोच, इक तेरी सलाह..और कुछ भी नहीं !! ----वेदव्यास मिश्र  लिखन्तु कविता     बेहतरीन हिंदी कवितायेँ     हिंदी कवितायेँ      लिखन्तु शायरी     लिखन्तु ग़ज़ल  ...

खिड़की.... - नेत्र प्रसाद गौतम

  खिड़की.... - नेत्र प्रसाद गौतम Apr 30, 2024 | कविताएं - शायरी - ग़ज़ल | नेत्र प्रसाद गौतम  |  👁 10,080 घर में सब से अच्छी सिर्फ एक खिड़की लगती है खिड़की से मैं पड़ोसन को देखता बीबी पड़ोसी को देखती है खिड़की से मैं पड़ोसन को देखता बीबी पड़ोसी को देखती है....... मगर न हम से किसी ने दिल लगाया न हम ने किसी से दिल लगाई है घर के खिड़की से तो किसी को भी देख लो इस में क्या बुराई है ? घर के खिड़की से तो किसी को भी देख लो इस में क्या बुराई है.......? ----नेत्र प्रसाद गौतम   लिखन्तु कविता     बेहतरीन हिंदी कवितायेँ     हिंदी कवितायेँ      लिखन्तु शायरी     लिखन्तु ग़ज़ल    ...

हिमालय की बेटियाँ - नागार्जुन

  हिमालय की बेटियाँ - नागार्जुन May 04, 2024 |   आलेख   |   नागार्जुन  |    👁 5,187 अभी तक मैंने उन्हें दूर से देखा था। बड़ी गंभीर, शांत, अपने आप में खोई हुई लगती थीं। संभ्रात महिला की भाँति वे प्रतीत होती थीं। उनके प्रति मेरे दिल में आदर और श्रद्धा के भाव थे। माँ और दादी, मौसी और मामी की गोद की तरह उनकी धारा में डुबकियाँ लगाया करता। परंतु इस बार जब मैं हिमालय के कंधे पर चढ़ा तो वे कुछ और रूप में सामने थीं। मैं हैरान था कि यही दुबली-पतली गंगा, यही यमुना, यही सतलुज समतल मैदानों में उतरकर विशाल कैसे हो जाती हैं! इनका उछलना और कूदना, खिलखिलाकर लगातर हँसते जाना, इनकी यह भाव-भंगी, इनका यह उल्लास कहाँ ग़ायब हो जाता है मैदान में जाकर? किसी लड़की को जब मैं देखता हूँ, किसी कली पर जब मेरा ध्यान अटक जाता है, तब भी कौतहूल और विस्मय नहीं होता, जितना कि इन बेटियों की बाललीला देखकर! कहाँ ये भागी जा रही हैं? वह कौन लक्ष्य है जिसने इन्हें बेचैन कर रखा है? अपने महान पिता का प्रेम पाकर भी अगर इनका हृदय अतृप्त ही है तो वह कौन होगा जो इनकी प्यास मिटा सकेगा! बर्फ़ जली नंगी पहा...

सोनाली बेंद्रे - बाज़ारवाद - अशोक कुमार पचौरी

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  सोनाली बेंद्रे - बाज़ारवाद - अशोक कुमार पचौरी May 05, 2024 |   विषय चर्चा   |   अशोक कुमार पचौरी 'आर्द्र'  |    👁 3,725 सोनाली बेंद्रे नब्बे के दशक की मशहूर अभिनेत्री हैं। फिलहाल वह 'द ब्रोकेन न्यूज' के दूसरे सीजन को लेकर चर्चा में हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया है कि निर्माता उनके सह-अभिनेता के साथ झूठी अफेयर की खबरें उड़ाते थे। सोनाली बेंद्रे नब्बे के दशक की काफी मशहूर और खूबसूरत अदाकारा हैं। उन्होंने अपने करियर में कई बेहतरीन फिल्में की हैं। वह उस वक्त की व्यस्ततम अभिनेत्रियों में से एक थीं। उन्होंने उस वक्त के कई बड़े अभिनेताओं के साथ सुपरहिट फिल्में दी हैं। उन्हें आज भी फिल्म 'सरफरोश', 'दिलजले' और 'मेजर साब' के लिए याद किया जाता है। सोनाली फिलहाल अपनी वेब सीरीज 'द ब्रोकेन न्यूज' के दूसरे सीजन को लेकर चर्चा में हैं। 'द ब्रोकेन न्यूज' के दूसरी सीजन में आएंगी नजर सोनाली बेंद्रे ने जी 5 की वेब सीरीज 'द ब्रोकेन न्यूज' से ओटीटी डेब्यू किया था। इसमें 'पाताल लोक' अभिनेता जयदीप अहलावत भी उनका साथ देते हुए...

बेबाक देखता रहा - वर्षा शिवांशिका

  बेबाक देखता रहा - वर्षा शिवांशिका Apr 05, 2024 | कविताएं - शायरी - ग़ज़ल | लिखन्तु - ऑफिसियल  |  👁 17,818 सफ़र पर आगे बढ़ने, चुनी नई सड़क मैंने, भूला कर रंज़िश अपने , नया मोड़ लिया तपने I चलते ख़ुद को तपाया , कभी द्रवित न होने दिया , सहनशक्ति से बढ़ते चला, सड़क से मोड़ लेते रहा I ओले-आँधी.धूप-कोहरा, सब झेला,सामना करता रहा , जीवन के डगर पर सब सहा , बिना रुके चलता ही रहा I मंजिल पाने की होड़ के लिए , बहुत रिश्ते अपने बिगड़ गए , छूट गए जो साथ चल न पाए, वे कहीं बादलों में छिप लिए I क्या खिलौना बन रहा गया ? क्या मर्जी से मैं चला पाया ? मिला क्या वही सच हो गया ? सड़क,बेबाक देखता रह गया I वर्षा शिवांशिका कुवैत  वर्षा शिवांशिका     कुवैत     बेबाक देखता रहा...