अच्छा सपना - रीना कुमारी प्रजापत

 

अच्छा सपना - रीना कुमारी प्रजापत

Apr 30, 2024 | कविताएं - शायरी - ग़ज़ल | रीना कुमारी प्रजापत |  👁 10,209


अच्छा सपना,
तू लगता है बड़ा ही अपना।

तू आता हमारी नींदों में और
बन जाता हमारा अपना।

तू आए किसी की बेजान ज़िंदगी में और
जान भर देता है उस ज़िंदगी में।

नींदों में और जागे नैनों में तू आता है,
दुःखों को दूर कर सुख भर देता है।

अच्छा सपना तू ............।

सबके दिलों में तू रहता है,
बेरंग ज़िंदगी में रंग भर देता है।

तू हमें नींदों में आकर
अपनों का हाल बताता है और
हमारा हाल
अपनों तक पहुंचाता है ।

किसी को कुछ अच्छा सिखाता है,
तो किसी को
कुछ बुरा करने से रोक लेता है।

अच्छा सपना तू............।

----"रीना कुमारी प्रजापत"


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