सियासती सुदर्शन चक्र - राजेश कुमार कौशल
सियासती सुदर्शन चक्र - राजेश कुमार कौशल
Apr 27, 2024 |
कविताएं - शायरी - ग़ज़ल
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राजेश कुमार कौशल | 👁 10,004
सियासते नी मेरिये,
मुश्किलां दी ढेरिए ,
संसद दी कंटीली राहें,
दिल्ली कितनी दूर ?
चुनावी तबेला नींद है हराम ,
प्रत्याशी झमेला नेता परेशान,
मदमस्त है आयाराम गयाराम,
टोपी लंगोटी विभिन्न सुबह शाम !
जोड़ तोड़ निचोड़ के हथकंडे,
तिकड़मी नेता समर्थक है गुंडे,
बाहुबली फौज लिए सरकंडे,
गले में पताका हाथों में झंडे !!
भूमिगत नेता पंचवर्षीय दर्शन,
छलाबी वायदे जन -आकर्षण,
चुनावी पटडियां कृत्रिम घर्षण,
बनेंगे सांसद घूमेगा चक्र सुदर्शन !
✒️ राजेश कुमार कौशल
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