आश्वासन - अशोक कुमार पचौरी

 

आश्वासन - अशोक कुमार पचौरी

Mar 04, 2024 | कविताएं - शायरी - ग़ज़ल | अशोक कुमार पचौरी 'आर्द्र' |  👁 25,703


सूरज की किरणों से भरी आशा,
दिल को छू जाए वो अद्भुत संवाद।

चांदनी की रातों में बसा है आश्वासन,
सपनों की ओढ़ में बहता रहे आकाश।

बारिश की बूंदों से गीली हो ज़मीन,
उम्मीद का रंग हर कदम पर हो आसमान।

संगीत की स्वरों में छुपी है आशा,
मुस्कान की छाया में बहता है प्यार।

चुपचाप बदलती रहे यह मौसम,
आश्वासन की बौछारों में बहे खुशियाँ।

सपनों का सफर है आश्वासन का मिलन,
मन को बहुतांत्र से भरता है आत्मा।

सुख-शान्ति की ओढ़ में बसा है आश्वासन,
हर दर्द को छूने वाली है यही कहानी।

बुढ़ापे की रातों में भी है उम्मीद,
आश्वासन का संग रहे जीवन का साथ।

धूप की किरणों में बढ़ता है आश्वासन,
मन को मिलता है नई राहों का पता।

स्नेह की बहारों में खिलता है आश्वासन,
जीवन के सफलता के सागर में डूब जाए।

संगीत की स्वरों में गुमनाम हो जाए,
आश्वासन की बौछार में बहे सुख-शान्ति।

रंगीन बगियों में घूमता है आश्वासन,
दिल को छू जाए वो अद्वितीय कहानी।

आसमान की ऊँचाइयों में है आश्वासन,
उड़ान भरे हर सपने को देने का वादा।

प्रेम की बहारों में बसा है आश्वासन,
जीवन के सफलता के रास्ते में साथी।

आश्वासन की मिठास में बुलबुले गाए,
हर दिल को छू जाए खुशियों की भव्य ध्वनि।

रात की काली चादर को हटा दे आश्वासन,
सवेरा लाए नई उम्मीदों का संग।

आश्वासन की बौछारों बहती रहे,
जीवन की मिसाल बनते रहे हम।

सृष्टि के सागर में बहता है आश्वासन,
मन में भरता है नई ऊँचाइयों की चाह।

आश्वासन की मिठास से सजे जीवन,
हर पल में मिले नई कहानियों का मौन।

  • अशोक कुमार पचौरी


Comments

Popular posts from this blog

पुष्पाणि सुगन्धिनि - अशोक कुमार पचौरी