धूप-छांव - राजेश कुमार कौशल

 

धूप-छांव - राजेश कुमार कौशल

Apr 17, 2024 | कविताएं - शायरी - ग़ज़ल | राजेश कुमार कौशल |  👁 10,318


दुनियां का अजीब सरोकार,
धूप-छांव भांपकर व्यवहार,
सर्दियों में सूरज का सत्कार ,
लेकिन गर्मियों में तिरस्कार !

🖋️ राजेश कुमार कौशल

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