ख़ुद को मुर्दा शुमार न करना - डाॅ फौज़िया नसीम शाद

 

ख़ुद को मुर्दा शुमार न करना - डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Apr 23, 2024 | कविताएं - शायरी - ग़ज़ल | डाॅ फौज़िया नसीम शाद |  👁 10,408


ख़ुद को मुर्दा शुमार न करना ,
लोग डरते हैं ज़िंदा लोगों से ।

----डाॅ फौज़िया नसीम शाद


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