बचपन की सीख - वन्दना सूद

 

बचपन की सीख - वन्दना सूद

May 07, 2024 | कविताएं - शायरी - ग़ज़ल | वन्दना सूद |  👁 9

बचपन की सीख
शुक्र मनाते हैं उस ख़ुदा का जिसने हमें माँ बनाया ,
आज माँ बनकर ही माँ का अर्थ समझ में आया ।
बचपन में जिन बातों को , सीखों को झुठलाते थे ,
आज उन्हीं के सहारे अपने रिश्तों को निभाते हैं ।

बुनकर जो ख़्वाब उन्होंने हमें दिए ,
आज उन्हीं के सहारे अपनी ज़िन्दगी सँवारते हैं ।
इसलिए आज भी हर एक आह पर बस ,
उन्हीं का नाम ही पुकारते हैं ।

वन्दना सूद

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