शायरी कुछ और नहीं - वेदव्यास मिश्र

 

शायरी कुछ और नहीं - वेदव्यास मिश्र

Apr 27, 2024 | कविताएं - शायरी - ग़ज़ल | वेदव्यास मिश्र |  👁 10,048


शायरी कुछ और नहीं,
लब्ज़ है हालात की !!

दिल के बिखरे साज़ की,
बिखरे से अहसास की !!

टूटते-बनते रिश्तों की,
बिलकुल आसपास की !!

शायरी कुछ और नहीं,
नब्ज़ है आदाब की !!

जो न चेहरे से ज़ाहिर हो,
बतायें कैसे !!
तुम्हीं बतला दो दिखाएं,
या छुपायें कैसे !!


----वेदव्यास मिश्र


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