प्रार्थना - अर्चना मेहरा

 

प्रार्थना - अर्चना मेहरा

Apr 14, 2024 | कविताएं - शायरी - ग़ज़ल | लिखन्तु - ऑफिसियल |  👁 10,051

हृदय से हृदय मिलें
प्रार्थना कुबूल हो
विश्व शांति पाठ हो
माफ सबकी भूल हो।

हे ईश अब तू तोड़ दे
मौन की ये बेड़ियां
साँसों को साँस दे
दूर अब ये शूल हो।

मिट चुकी इस आस को
आशा का श्वास दो
प्रेरणा मिले हमें
चाहे काँटों में फूल हो।

स्पर्श प्रियजनों का
पुनः आग्रहीत हो
शत्रु का उन्मूलन
सर्वत्र समूल हो।

----अर्चना मेहरा


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