दिल में रहना ही मेरी नजाकत है - डी ऐन चौबे

 

दिल में रहना ही मेरी नजाकत है - डी ऐन चौबे

Apr 30, 2024 | कविताएं - शायरी - ग़ज़ल | धर्म नाथ चौबे मधुकर |  👁 10,004


तुम से दूर रहकर, तेरे दिल में रहना ही मेरी नजाकत है,
ख्वाब, याद बनकर तेरी ख्वाबों, आंखों में बसना शरारत है मेरी,
पास, करीब ना होते हुए भी मुझे अपने पास पाओगी ,
इसलिए अहसास बनकर तेरे दिल में रहना आदत है मेरी


----डी ऐन चौबे


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