आँखें तेरी - रीना कुमारी प्रजापत

 

आँखें तेरी - रीना कुमारी प्रजापत

Apr 28, 2024 | कविताएं - शायरी - ग़ज़ल | रीना कुमारी प्रजापत |  👁 10,017

शीर्षक - आँखें तेरी

आँखें तेरी कुछ कहती है,
तू प्यार सभी से करती है।
सीखे कोई प्यार करना तुझसे,
तेरी आंखें यही कहती है।
इन आंखों ने तेरी हमारा दिल बदल डाला,
इन आंखों ने तेरी हमें हॅंसना सीखा डाला।

आँखें तेरी कुछ कहती है,............।
आंखों में तेरी एक ख़्वाब सजाया दिखता है,
आंखों में तेरी बेशुमार प्यार समाया दिखता हैं।
इन आंखों ने तेरी हमें क्या से क्या बना डाला,
पत्थर दिल था मेरा मुझे मोम दिल बना डाला।

आँखें तेरी कुछ कहती है,..............।
बहुत ज़िद्दी हैं ये तेरी आंखें,
हर पल प्यार की तलाश में रहती हैं।
देख तेरी इन आंखों ने मुझे भी प्यार करना सीखा डाला,
देख तेरी इन आंखों ने मुझमें भी प्यार भर डाला।

आँखें तेरी कुछ कहती है,..........।
आँखें तेरी आंखें नहीं प्यार का गहरा समंदर है,
आँखें तेरी आंखें नहीं ज़िंदगी का सुनहरा मंज़र है।
जिसमें डूब गए हम और ज़िंदगी ये अनमोल जी गए हम।
तू मिली हमें ये हमारा नसीब है,
वरना इस दुनिया की भीड़ में कौन हमारे करीब है।

आँखें तेरी कुछ कहती है,
तू प्यार सभी से करती है।

(रीना कुमारी प्रजापत)


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