मैं लिखता हूँ..मिटाता हूँ - वेदव्यास मिश्र

 

मैं लिखता हूँ..मिटाता हूँ - वेदव्यास मिश्र

Apr 04, 2024 | कविताएं - शायरी - ग़ज़ल | वेदव्यास मिश्र |  👁 22,633


मैं लिखता हूँ..मिटाता हूँ,
और गीत नये मैं गाता हूँ !!
रस-छंद-वंद कुछ ना जानूँ,
भावों से काम चलाता हूँ !!

ग़र भाव है तो भवसागर भी,
निश्चत ही पार लगेगा कभी !!
मैं कल की चिंता करता नहीं,
मैं आज से काम चलाता हूँ !!

उसके आँखों की उपमा नहीं,
उसके बातों की तुलना नहीं !!
हाँ..तारीफ करना बुरा नहीं,
पर सच से काम चलाता हूँ !

वेदव्यास मिश्र



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