अपनी मर्ज़ी के मुताबिक सब है - डाॅ फौज़िया नसीम शाद
अपनी मर्ज़ी के मुताबिक सब है - डाॅ फौज़िया नसीम शाद
Apr 28, 2024 |
कविताएं - शायरी - ग़ज़ल
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डाॅ फौज़िया नसीम शाद | 👁 10,059
टूटे उम्मीद तो शिकायत कैसी ,
अपनी मर्ज़ी के मुताबिक सब है ।
----डाॅ फौज़िया नसीम शाद
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